प्रेरक | हिन्दी

बूँद

बूँद छटपटा रही है वो बूँद बादलों की गिरफ़्त में है अभी प्यासी है धरती सूखी है मिट्टी कह रहे हैं खलिहानों के सिपाही सभी छटपटा रही है वो बूँद बादलों की गिरफ़्त में है अभी खौल रही है वो बूँद फ़ौलादी जिस्मों में अभी सरहद पुकार रही जवानी ललकार रही कह रहे हैं राष्ट्र […]

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प्रेरक | हिन्दी

मैं जंगली हूँ

रोज़मर्रा की चुनौतियों से पीछे भागते नहीं मीलों का सफ़र तय करने में हिचकिचाते नहीं मैं अबाबील, मैं गौरैया हूँ मैं बसंता, मैं कठफोड़वा हूँ हाँ मैं जंगली हूँ मैं जंगली हूँ क्षमतायें अपार है हमारा भी तो ये संसार है महसूस हो जाता है जो तुम समझ नहीं पाते आख़िर भविष्यवाणी तो हम भी […]

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प्रेरक | हिन्दी

“अनोखा रिश्ता”

दोस्त क्या होता हैं? क्यूं होता हैं ?? वाकई क्या दोस्त होता हैं ??? हां हां बिल्कुल होता हैं.. एक मीठा एहसास होता है🍫 अच्छा और सच्चा होता हैं🥰 मन को समझने वाला होता हैं.. प्यार करने वाला होता हैं सबसे न्यारा और दुलारा होता हैं 😍 सबके नसीब में ऐसे दोस्त नहीं मिलते पर […]

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POEM | प्रेरक

सद्गुरु

🙏 आप ढूँढ़िये ! एक गुरु, सद्गुरु….. जिन्हें हो समर्पित आपके जीवन का वो भाग जिस पर आपका नियंत्रण ना हो आपके समय का वो भाग जो व्यर्थ चला जा रहा हो जिन्हें हो समर्पित आपके मन का वो कोना जो आपको जीवन के आयामों को जानने से वंचित रखता हो वो कोना जहाँ कुविचारों […]

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सफ़र-ए-जिंदगी
POEM | प्रेरक | हिन्दी

सफ़र-ए-जिंदगी

अजीब है सफ़रअनजान है डगर, मैंजैसे खोजता रहता ख़ुद को,यहाँ हर पहर जाने क्या ज़िन्दगीज़िन्दगी जाने क्या ?कभी मीठा-सा है पानीकभी-कभी है ज़हर है कोई मेरे साथ नहीं, परमैं, सबके साथ मेंरोता मैं अकेले में, परहँसु सबके सामने अजीब-सी कशिश में हीचलता जैसे रहता, मैंख़ाली बैठकर भीउलझा रहता जैसे काम में भर दिए हैं काग़ज़ […]

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Kaal
प्रेरक | हिन्दी

ये काल है

लाख दफनाओं पर दब नहीं सकता कहीं किसी भी लोक में ले जाओ पर सम्मुख आ सकता ये काल है इससे कोई भी रहस्य तुम्हारा छिप नहीं सकता….. तुम क्रूर हो निर्दय भी तुम भावुक हो सदय भी ये हर क्षण , तुम्हें देखता है हर क्षण, तुम्हें परखता है लाख छिपाओ पर छिप नहीं […]

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